ज्योतिष में मंगल ग्रह

  • Home    >
  • ज्योतिष में मंगल ग्रह

ज्योतिष में ग्रहों का महत्वपूर्ण स्थान है। सात ग्रह- सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र और शनि हैं। दो छाया ग्रह राहु और केतु है। अलग-अलग रूप में हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं।

आपकी कुंडली में मंगल कैसा है।

अच्छा है या खराब।

आपके जीवन पर इसका क्या प्रभाव है।

अच्छे मंगल के क्या लक्षण हैं।

और यदि मंगल आपकी कुंडली में खराब फल दे रहा है। तो उसके लिए आपको क्या उपाय करने चाहिए।

मंगल महत्वपूर्ण ग्रह

हमारी कुंडली का बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह मंगल है। यह हमारी कुंडली में भाइयों के सुख को दिखाता है।

यदि आपकी कुंडली में मंगल अच्छा है। तो आपको अपने भाइयों का पूर्ण सुख प्राप्त होगा। विशेषकर छोटे भाइयों का।

मंगल जातक की कुंडली में जोश ,साहस ,ऊर्जा जायदाद व भूमि का कारक है।

 

शुभ मंगल ग्रह  के प्रभाव 


जिस जातक का मंगल अच्छा होता  वह हर काम को पूरी मेहनत के साथ करता है।


ऐसा जातक बहुत मेहनती होता है ।पुलिस  डिपार्टमेंट, मिलिट्री ,आर्मी और अन्य कार्य जिसमे साहस की आवश्यकता होती है।


जब भी जातक दुर्घटना का शिकार नहीं होता तथा उसको चोट बहुत कम लगती है।


मंगल उसका दुर्घटनाओं से बचाव करता है।


जिस जातक की कुंडली में मंगल अच्छी स्थिति में होता है। या शुभ होता है।


यानि यदि मंगल जातक की कुंडली में
•    उच्च का हो,
•    शुभ ग्रहों से दृष्ट हो
•    या केंद्र और त्रिकोण से संबंध बनाता हो। तब जातक को मंगल के शुभ फल प्राप्त होते हैं।

मंगल की उच्च राशि मकर व नीच राशि कर्क है ।मंगल की अपनी राशि मेष और वृश्चिक है।

 

अशुभ मंगल ग्रह के प्रभाव 


अशुभ मंगल जातक की कुंडली में खराब फल प्रदान करता है।


यानी मंगल जातक की कुंडली में नीच का हो, अशुभ ग्रहों से दृष्ट हो या ६, ८ व 12 भावों के साथ संबंध बनाए ऐसी अवस्था में जातक को अच्छे मंगल से प्राप्त होने वाले सभी सुख सुविधाओं में कमी आती है।

ऐसे जातक को अपने भाइयों का सुख प्राप्त नहीं होता। भाई होने पर भी उनसे कोई मदद प्राप्त नहीं होती ना ही उनसे अच्छा तालमेल होता है।

ऐसे जातक में साहस की कमी पाई जाती है। वह साहस वाला कोई भी कार्य करने से डरता है।

और वह अपने जीवन में कोई भी जोखिम से भरा कोई कार्य नहीं करता।

खराब मंगल वाले जातक को गुस्सा भी बहुत अधिक आता है।और गुस्से में ऐसे जातक अपने होश खो बैठते हैं।

आपकी कुंडली में मंगल खराब होता है। तो जातक को भूमि के सुख से वंचित रखता है। भूमि होने के बावजूद भी सुख नहीं उठा पाता।

मंगल खराब होने पर जातक जब भी कोई शुभ कार्य करता है या खुशी मनाता है। तो उसमें अड़चन जरूर आती है। यानी रंग में भंग जरूर होता है।

यदि आपकी कुंडली में मंगल खराब है। तो मांगलिक दोष भी आप कोअत्यधिक नुकसान पहुंचाता है। ऐसे जातक की कुंडली में ग्रहस्थ सुखका अभाव होता है। खराब मंगल वाले जातक को खून से संबंधित कोई रोग भी हो सकता है।

और यदि आपकी कुंडली में मंगल खराब अवस्था में है। तो आपके साथ दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं।

यदि आपके जीवन में भी इन परेशानियों से संबंधित कोई लक्षण दिखाई देता है। तो आप समझ लीजिए कि आपकी कुंडली में मंगल खराब अवस्था में है। और आपको मंगल के उपाय करने चाहिए।

 

मंगल ग्रह से संबंधित उपाय


1.    यदि आपको गुस्सा बहुत अधिक आता है। तो हर मंगलवार 400 ग्राम  रेबडिया बहते पानी में बहाएं। ऐसा लगातार पांच मंगलवार करने से मंगल की अशुभता में कमी आती है।
2.    यदि आपके जीवन में मकान, जयदाद, भूमि से संबंधित कोई दिक्कत आ रही है। ऐसे में आप 11 मंगलवार हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं और पांच मोतीचूर के लड्डू का भोग लगाएं।
3.    अपने भाई बहनों से अच्छे संबंध बना कर चले तो मंगल हमेशा फल प्रदान करता है।
4.    मंगल खराब वाले जातक को कभी भी मूंगा धारण नहीं करना चाहिए।
5.    यदि आपकी कुंडली में मंगल के खराब फल प्राप्त हो रहे हैं। तो हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और मीठे का दान करें।

For more detail contact one of Best Astrologer 9810105727